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  • नेपाल ऑयल निगम ने पेट्रोल और डीजल के मूल्य 1 असार से संशोधित किए

    oil price

    नेपाल ऑयल निगम (एनओसी) ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए 2082 साल के असार 1 (15 जून, 2025) से लागू होने वाले पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है। यह निर्णय भारतीय इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) से आयात होने वाली नई मूल्य संरचना के आधार पर लिया गया है। मूल्य वृद्धि पेट्रोल और डीजल/मिट्टी तेल दोनों पर लागू होगी, जिससे देशभर के वितरण केंद्र प्रभावित होंगे।


    इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से आयात की गई नई मूल्य दरें

    नवीनतम जानकारी के अनुसार, अब नेपाल इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से पेट्रोल ₹117.12 प्रति लीटर की दर से खरीदेगा, जबकि पहले यह ₹116.10 थी। इसी तरह, डीजल का मूल्य ₹100 से बढ़कर ₹100.70 प्रति लीटर हो गया है। इस आधार मूल्य में बदलाव के साथ एनओसी ने खुदरा मूल्य में भी समायोजन किया है।


    मूल्य परिवर्तन का कार्यान्वयन

    एनओसी ने असार 1, 2082 (15 जून, 2025) की मध्यरात्रि से नए मूल्य लागू किए हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं को अब पेट्रोलियम उत्पादों के लिए थोड़ी अधिक कीमत चुकानी होगी। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आयात लागत के आधार पर सरकार की नीति के तहत लिया गया है।


    नए खुदरा मूल्य (लागू तिथि: असार 1, 2082 – रात 12:00 बजे से)

    स्थानपेट्रोल (रु./ली.)डीजल/मिट्टी तेल (रु./ली.)
    काठमांडू, पोखरा, दिपायल, धनगढी, अमलेखगंज, नेपालगंज174.50152.50
    दांग, सुर्खेत, चराजली, जनकपुर175.50153.50
    विराटनगर, बीरगंज176.00154.00
    भद्रपुर176.50154.50

    एनओसी ने बताया कि यह संशोधन उसकी “स्वचालित मूल्य समायोजन प्रणाली” के तहत किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों और परिवहन लागत को ध्यान में रखती है।


    क्षेत्रीय प्रभाव

    • काठमांडू उपत्यका: पेट्रोल ₹174.50, डीजल ₹152.50 प्रति लीटर
    • पोखरा, दिपायल, नेपालगंज: मूल्य काठमांडू के बराबर
    • जनकपुर, दांग, सुर्खेत: प्रति लीटर ₹1 अधिक
    • विराटनगर, बीरगंज: ₹1.50 अधिक
    • भद्रपुर: सबसे महंगा क्षेत्र – पेट्रोल ₹176.50 और डीजल ₹154.50 प्रति लीटर

    एनओसी का बयान और सार्वजनिक सूचना

    एनओसी ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है। उसने स्पष्ट किया है कि यह मूल्यवृद्धि अंतरराष्ट्रीय मूल्य, आयात लागत, संचालन खर्च और कर के आधार पर की गई है। उपभोक्ताओं पर न्यूनतम प्रभाव डालने का प्रयास किया गया है।


    सार्वजनिक प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएँ

    इस मूल्यवृद्धि पर जनमानस और व्यापारिक क्षेत्रों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। कुछ लोग नेपाल की आयात निर्भरता को समझते हैं, तो कुछ परिवहन और जीवनयापन की लागत में वृद्धि को लेकर चिंतित हैं।

    यदि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर या कम होती हैं, तो एनओसी की स्वचालित प्रणाली के तहत खुदरा कीमतों में भी गिरावट की संभावना रहेगी।


    निष्कर्ष

    नेपाल ऑयल निगम का यह निर्णय देश की आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के दीर्घकालीन रणनीति के अनुरूप है। चूंकि नेपाल पूरी तरह से पेट्रोलियम उत्पादों के लिए भारत पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी प्रकार की कीमत में बदलाव का सीधा प्रभाव नेपाल पर पड़ता है।

    उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे मूल्य से संबंधित जानकारी के लिए एनओसी की आधिकारिक वेबसाइट www.noc.org.np या इसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए रखें।


    प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) – हिंदी में

    प्रश्न 1: पेट्रोल और डीजल की कीमत कब से बढ़ाई गई है?
    उत्तर: 2082 असार 1 (15 जून, 2025) की मध्यरात्रि 12:00 बजे से लागू है।

    प्रश्न 2: मूल्यवृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
    उत्तर: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से आयात मूल्य में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव।

    प्रश्न 3: कितना मूल्य बढ़ा है?
    उत्तर:

    • पेट्रोल: ₹116.10 से ₹117.12 प्रति लीटर
    • डीजल: ₹100 से ₹100.70 प्रति लीटर

    प्रश्न 4: क्षेत्रीय मूल्य में क्या फर्क है?
    उत्तर:

    • काठमांडू: पेट्रोल ₹174.50, डीजल ₹152.50
    • दांग, जनकपुर: ₹1 ज्यादा
    • विराटनगर, बीरगंज: ₹1.50 ज्यादा
    • भद्रपुर: सबसे महँगा

    प्रश्न 5: मूल्य निर्धारण कैसे होता है?
    उत्तर: एनओसी की स्वचालित मूल्य समायोजन प्रणाली के अनुसार—अंतरराष्ट्रीय मूल्य, आयात, परिवहन, संचालन खर्च और करों के आधार पर।

    प्रश्न 6: क्या भविष्य में कीमतें घट सकती हैं?
    उत्तर: हाँ, अगर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें घटती हैं।

    प्रश्न 7: उपभोक्ताओं को जानकारी कहाँ से मिलेगी?
    उत्तर: www.noc.org.np और एनओसी के सोशल मीडिया से।

    प्रश्न 8: मूल्यवृद्धि से और किन चीजों पर असर पड़ेगा?
    उत्तर: परिवहन, ढुलाई और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।

  • नेपाल आयल निगमले पेट्रोल र डिजेलको मूल्य असार १ गतेदेखि संशोधन गर्‍यो

    नेपाल आयल निगम (एनओसी) ले एक प्रेस विज्ञप्ति जारी गर्दै २०८२ साल असार १ गतेदेखि लागू हुने गरी पेट्रोलियम पदार्थको मूल्य वृद्धि गरेको घोषणा गरेको छ। भारतको इन्डियन आयल कर्पोरेसन (IOC) बाट आयात हुने मूल्य संशोधनको आधारमा यो निर्णय गरिएको हो। मूल्यवृद्धि पेट्रोल र डिजेल/मट्टितेल दुवैमा लागू हुनेछ, जसले देशभरका वितरण केन्द्रहरूमा प्रभाव पार्नेछ।


    इन्डियन आयल कर्पोरेसनबाट आयात हुने नयाँ मूल्य

    नयाँ विवरणअनुसार नेपालले अब इन्डियन आयल कर्पोरेसनबाट पेट्रोल प्रतिलिटर रू. ११७.१२ मा खरिद गर्नेछ, जुन पहिले रू. ११६.१० थियो। त्यस्तै, डिजेलको मूल्य पनि रू. १०० बाट बढेर रू. १००.७० प्रतिलिटर पुगेको छ। आधार मूल्यको यस परिवर्तनसँगै एनओसीले खुद्रा बिक्री मूल्यमा समेत समायोजन गरेको हो।


    मूल्य परिवर्तनको कार्यान्वयन

    एनओसीले असार १, २०८२ (जुन १५, २०२५) को मध्यरातदेखि नयाँ मूल्यहरू लागू गरेको छ। देशका विभिन्न क्षेत्रमा उपभोक्ताहरूले पेट्रोलियम पदार्थको लागि अलिकति बढी मूल्य तिर्नुपर्नेछ। यो निर्णय अन्तर्राष्ट्रिय बजार मूल्यमा आएको उतारचढाव र आयात मूल्य अनुसार मूल्य समायोजन गर्ने सरकारी नीतिसँग मेल खान्छ।


    नयाँ खुद्रा मूल्यहरू (लागू मिति: असार १, २०८२, राति १२:०० बजेबाट)

    उत्पादन काठमाडौं, पोखरा, दिपायल, धनगढी, अमलेखगञ्ज, नेपालगञ्ज सुर्खेत, दाङ, चराजली, जनकपुर विराटनगर, वीरगञ्ज भद्रपुर

    पेट्रोल रू. १७४.५० प्रतिलिटर रू. १७५.५० रू. १७६.०० रू. १७६.५०
    डिजेल/मट्टितेल रू. १५२.५० प्रतिलिटर रू. १५३.५० रू. १५४.०० रू. १५४.५०

    एनओसीको “स्वचालित मूल्य समायोजन प्रणाली” अनुसार मूल्य हेरफेर गरिएको हो, जसले अन्तर्राष्ट्रिय बजारको उतारचढाव र यातायात खर्चलाई ध्यानमा राख्छ।


    क्षेत्रीय प्रभाव

    काठमाडौं उपत्यका र वरपरका क्षेत्रमा पेट्रोल प्रतिलिटर रू. १७४.५० र डिजेल रू. १५२.५० मा उपलब्ध हुनेछ। अन्य क्षेत्रमा यातायात खर्चका कारण मूल्यमा केही फरक देखिनेछ।

    पोखरा, दिपायल, धनगढी, अमलेखगञ्ज: मूल्यहरू काठमाडौं सरह रहनेछन्।

    जनकपुर, दाङ, सुर्खेत: पेट्रोल र डिजेलको मूल्य काठमाडौंभन्दा रू. १ बढी।

    विराटनगर, वीरगञ्ज: काठमाडौंभन्दा रू. १.५० बढी।

    भद्रपुर: पेट्रोल रू. १७६.५० र डिजेल रू. १५४.५० प्रतिलिटर—सबैभन्दा महँगो मूल्य रहेको क्षेत्र।


    एनओसीको भनाइ र सार्वजनिक सूचना

    नेपाल आयल निगमले मुलुकभर पेट्रोलियम पदार्थको सहज आपूर्ति सुनिश्चित गर्ने प्रतिवद्धता जनाएको छ। मूल्यवृद्धि आवश्यक भएको बताउँदै एनओसीले आयात लागत, सञ्चालक खर्च, र अन्तर्राष्ट्रिय मूल्य वृद्धि सन्तुलनमा राख्न मूल्य संशोधन गरिएको उल्लेख गरेको छ।

    यो मूल्यवृद्धि उपभोक्तामैत्री तरिकाले निर्धारण गरिएको बताइएको छ। निगमले भनेको छ— मूल्य समायोजन गर्दा सक्दो न्यून प्रभाव पार्ने प्रयास गरिएको छ।


    सार्वजनिक प्रतिक्रिया र भविष्यको आँकलन

    सधैंझैँ यो मूल्यवृद्धिले आम जनमानस र व्यवसायिक क्षेत्रबाट मिश्रित प्रतिक्रिया पाएको छ। कतिपयले नेपालको आयातमा निर्भरता बुझेको देखिन्छ भने, अन्यले यातायात खर्च बढ्ने र दैनिक उपभोग्य वस्तुमा असर पर्ने चिन्ता व्यक्त गरेका छन्।

    आगामी महिनाहरूमा पनि नेपाल आयल निगमले स्वचालित मूल्य समायोजन प्रणालीलाई निरन्तरता दिने अपेक्षा गरिएको छ। अन्तर्राष्ट्रिय बजारमा कच्चा तेलको मूल्य स्थिर वा घट्ने हो भने, भोलिका दिनहरूमा मूल्य घट्ने सम्भावना पनि छ।


    निष्कर्ष

    नेपाल आयल निगमको पछिल्लो निर्णय मुलुकको वित्तीय स्थायित्व कायम राख्ने र बढ्दो जनसंख्याको आवश्यकता पूरा गर्ने दीर्घकालीन रणनीति अन्तर्गत लिइएको हो। नेपालले सबै पेट्रोलियम पदार्थ भारतबाट आयात गर्ने भएकाले अन्तर्राष्ट्रिय बजारको मूल्य परिवर्तनले सधैं असर गर्नेछ।

    उपभोक्ताहरूलाई भविष्यमा आउने मूल्यसम्बन्धी सूचनाका लागि एनओसीको आधिकारिक वेबसाइट र सामाजिक सञ्जालमार्फत अपडेट भइरहने जानकारी लिने सल्लाह दिइन्छ।

    यहाँ नेपाल आयल निगमद्वारा पेट्रोलियम मूल्यवृद्धि सम्बन्धी विषयमा केही प्रायः सोधिने प्रश्न (FAQ) हरू नेपाली भाषामा प्रस्तुत गरिएको छ:


    प्रश्न १: नेपाल आयल निगमले पेट्रोल र डिजेलको मूल्य कहिलेदेखि बढाएको हो?

    उत्तर:
    एनओसीले पेट्रोलियम पदार्थको नयाँ मूल्य २०८२ असार १ गते (जुन १५, २०२५) को मध्यरात १२:०० बजेदेखि लागू गरेको हो।


    प्रश्न २: मूल्यवृद्धिको मुख्य कारण के हो?

    उत्तर:
    मुख्य कारण हो—इन्डियन आयल कर्पोरेसन (IOC) बाट आयात हुने पेट्रोल र डिजेलको मूल्यमा वृद्धि हुनु। अन्तर्राष्ट्रिय बजार मूल्यमा आएको परिवर्तनका कारण आयात मूल्य बढेको हो।


    प्रश्न ३: कति मूल्य वृद्धि भएको हो?

    उत्तर:

    पेट्रोल: IOC बाट आयात मूल्य प्रतिलिटर रू. ११६.१० बाट बढेर रू. ११७.१२ भएको छ।

    डिजेल: प्रतिलिटर रू. १०० बाट बढेर रू. १००.७० भएको छ।
    खुद्रा बजारमा पनि यिनै आधारमा मूल्य समायोजन गरिएको छ।


    प्रश्न ४: मूल्यवृद्धिले कुन क्षेत्रमा कति असर गर्छ?

    उत्तर:
    क्षेत्रअनुसार मूल्यमा थोरै भिन्नता छ:

    काठमाडौं, पोखरा, नेपालगञ्ज आदि: पेट्रोल रू. १७४.५० र डिजेल रू. १५२.५०

    जनकपुर, दाङ, सुर्खेत: पेट्रोल र डिजेलमा रू. १ थप

    विराटनगर, वीरगञ्ज: रू. १.५० थप

    भद्रपुर: पेट्रोल रू. १७६.५० र डिजेल रू. १५४.५० — सबैभन्दा महँगो


    प्रश्न ५: मूल्य निर्धारण कसरी गरिन्छ?

    उत्तर:
    एनओसीले स्वचालित मूल्य समायोजन प्रणाली अनुसार अन्तर्राष्ट्रिय मूल्य, आयात लागत, यातायात खर्च, कर र सञ्चालक खर्चका आधारमा मूल्य निर्धारण गर्छ।


    प्रश्न ६: भविष्यमा मूल्य घट्ने सम्भावना छ कि?

    उत्तर:
    हो, यदि अन्तर्राष्ट्रिय बजारमा कच्चा तेलको मूल्य घट्छ भने, एनओसीले मूल्य घटाउने सम्भावना पनि रहन्छ। मूल्य समायोजन अन्तर्राष्ट्रिय बजारसँग मिलाएर गरिन्छ।


    प्रश्न ७: उपभोक्ताले मूल्यबारे जानकारी कहाँबाट पाउन सक्छन्?

    उत्तर:
    एनओसीको आधिकारिक वेबसाइट www.noc.org.np वा सामाजिक सञ्जालमार्फत मूल्यसम्बन्धी अद्यावधिक जानकारी लिन सकिन्छ।


    प्रश्न ८: मूल्यवृद्धिले अन्य क्षेत्रमा के असर पर्छ?

    उत्तर:
    पेट्रोलियम पदार्थको मूल्य बढ्दा यातायात, ढुवानी खर्च र दैनिक उपभोग्य वस्तुहरूको मूल्यमा वृद्धि हुनसक्छ। व्यवसाय र आम जनतालाई खर्च बढ्न सक्नेछ।